न हि देवेषु सर्वेषु नासुरेषूरगेषु च॥ १७॥
राक्षसेष्वथ यक्षेषु नरेषु कुत एव तु।
भूतोऽथवा भविष्यो वा रथ: कश्चिन्मया श्रुत:॥ १८॥
अनुवाद
सम्पूर्ण देवताओं, दैत्यों, नागों, दैत्यों और यक्षों में अर्जुन के समान कोई नहीं है; फिर मनुष्यों में भी कोई कैसे हो सकता है? मैंने न तो भूतकाल में और न भविष्यकाल में ऐसे किसी सारथि के विषय में सुना है ॥17-18॥
There is no one like Arjuna among all the gods, demons, serpents, devils and Yakshas; then how can there be any among humans? I have not heard of any such charioteer in the past or the future. ॥17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥