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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  5.168.36 
ईदृशानां सहस्राणि विशिष्टानामथो पुन:।
मयैकेन निरस्तानि ससैन्यानि रणाजिरे॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
यहाँ एकत्रित हुए राजाओं के समान तथा उनसे भी अधिक शक्तिशाली हजारों राजा वहाँ एकत्रित थे; किन्तु मैंने अकेले ही उन सबको उनकी सेनाओं सहित युद्धभूमि में परास्त कर दिया।
 
Thousands of kings, like those gathered here and even more powerful than them, were gathered there; but I single-handedly defeated them all along with their armies in the battle-field.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)