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mahabharat 5.168.29: अतः हे राजन! मैं भीष्म के जीवित रहते युद्ध नहीं करूँगा; किन्तु भीष्म के मारे जाने पर समस्त महारथियों के साथ युद्ध करूँगा।'   |   mahabharat अध्याय 5.168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.168.29 
नाहं जीवति गाङ्गेये योत्स्ये राजन् कथंचन।
हते भीष्मे तु योद्धास्मि सर्वैरेव महारथै:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अतः हे राजन! मैं भीष्म के जीवित रहते युद्ध नहीं करूँगा; किन्तु भीष्म के मारे जाने पर समस्त महारथियों के साथ युद्ध करूँगा।'
 
Therefore, O King! I will not fight while Bhishma is alive; but after Bhishma is killed I will fight with all the great warriors.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)