श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.167.1 
भीष्म उवाच
शकुनिर्मातुलस्तेऽसौ रथ एको नराधिप।
प्रयुज्य पाण्डवैर्वैरं योत्स्यते नात्र संशय:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे नरदेव! आपके मामा शकुनि भी सारथी हैं। इसमें संदेह नहीं कि वे पाण्डवों के विरुद्ध शत्रुतापूर्वक युद्ध करेंगे।" ॥1॥
 
Bhishma said, "O Lord of men! Your uncle Shakuni is also a charioteer. There is no doubt that he will fight against the Pandavas in enmity." ॥1॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd