Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.165.21: आप रथ चलाने और शस्त्र चलाने में भी निपुण हैं। आप शस्त्र विद्या में निपुण हैं और भार उठाने में भी सक्षम हैं। धनुर्विद्या में आप द्रोणाचार्य और कृपाचार्य के योग्य शिष्य हैं। | mahabharat अध्याय 5.165: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्मका कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका परिचय देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संयन्तार: प्रहर्तार: कृतास्त्रा भारसाधना:।
इष्वस्त्रे द्रोणशिष्याश्च कृपस्य च शरद्वत:॥ २१॥
अनुवाद
आप रथ चलाने और शस्त्र चलाने में भी निपुण हैं। आप शस्त्र विद्या में निपुण हैं और भार उठाने में भी सक्षम हैं। धनुर्विद्या में आप द्रोणाचार्य और कृपाचार्य के योग्य शिष्य हैं।
You are also proficient in driving a chariot and in using weapons. You are experts in the art of weapons and are capable of lifting loads. In the art of archery, you are worthy disciples of Dronacharya and Kripacharya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥