Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.165.15-16: हे कुरुपुत्र! आप अपने तथा शत्रुपक्ष के रथियों और सारथिओं की संख्या भली-भाँति जानते हैं, अतः मैं भी आपसे इस विषय में जानकारी प्राप्त करना चाहता हूँ। क्योंकि पितामह शत्रुपक्ष तथा अपनेपक्ष के समस्त विषयों के ज्ञान में पारंगत हैं, अतः मैं इन समस्त राजाओं सहित आपसे यह विषय सुनना चाहता हूँ॥ 15-16॥ | mahabharat अध्याय 5.165: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्मका कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका परिचय देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रथसंख्यां तु कात्स्न्र्ये न परेषामात्मनस्तथा।
तथैवातिरथानां च वेत्तुमिच्छामि कौरव॥ १५॥
पितामहो हि कुशल: परेषामात्मनस्तथा।
श्रोतुमिच्छाम्यहं सर्वै: सहैभिर्वसुधाधिपै:॥ १६॥
अनुवाद
हे कुरुपुत्र! आप अपने तथा शत्रुपक्ष के रथियों और सारथिओं की संख्या भली-भाँति जानते हैं, अतः मैं भी आपसे इस विषय में जानकारी प्राप्त करना चाहता हूँ। क्योंकि पितामह शत्रुपक्ष तथा अपनेपक्ष के समस्त विषयों के ज्ञान में पारंगत हैं, अतः मैं इन समस्त राजाओं सहित आपसे यह विषय सुनना चाहता हूँ॥ 15-16॥
O son of Kuruṇā, you know exactly the number of charioteers and charioteers of your side as well as of the enemy, so I too wish to obtain information on this matter from you. Because the grandfather is well versed in the knowledge of all matters of the enemy as well as of his side, so I wish to hear this matter from you along with all these kings.॥ 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥