श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.164.1 
संजय उवाच
उलूकस्य वच: श्रुत्वा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:।
सेनां निर्यापयामास धृष्टद्युम्नपुरोगमाम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! इधर, उलूक के वचन सुनकर कुन्तीनन्दन युधिष्ठिर ने भी धृष्टद्युम्न के नेतृत्व में अपनी सेना युद्ध के लिए भेज दी॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! Here, after hearing Uluk's words, Kuntinandan Yudhishthir also sent his army for war under the leadership of Dhrishtadyumna. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)