Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.163.50-51h: जनमेजय! तत्पश्चात् धर्मपुत्र उलूक राजा युधिष्ठिर से विदा लेकर राजा दुर्योधन के पास गये।   |   mahabharat अध्याय 5.163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना  »  श्लोक 50-51h
 
 
श्लोक  5.163.50-51h 
उलूकस्तु ततो राजन् धर्मपुत्रं युधिष्ठिरम्॥ ५०॥
आमन्त्र्य प्रययौ तत्र यत्र राजा सुयोधन:।
 
 
अनुवाद
जनमेजय! तत्पश्चात् धर्मपुत्र उलूक राजा युधिष्ठिर से विदा लेकर राजा दुर्योधन के पास गये।
 
Janamejaya! Thereafter Ulooka, the son of Dharma, took leave from King Yudhishthira and went to where King Duryodhana was.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)