श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  5.163.36 
हत्वा सुयोधन त्वां वै सहितं सर्वसोदरै:।
आक्रमिष्ये पदा मूर्ध्नि धर्मराजस्य पश्यत:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
सुयोधन! मैं तुझे तेरे समस्त भाइयों सहित मारकर धर्मराज युधिष्ठिर के सामने अपने पैरों से तेरा सिर कुचल दूँगा॥36॥
 
Suyodhan! After killing you along with all your brothers, I will crush your head with my feet in front of Dharamraj Yudhishthira. 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)