Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.163.21: भीष्म, द्रोणाचार्य और सूतपुत्र कर्ण की मृत्यु के पश्चात् तुम अपने प्राण, राज्य और पुत्रों की रक्षा की आशा छोड़ दोगे ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 5.163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.163.21 
शान्ते भीष्मे तथा द्रोणे सूतपुत्रे च पातिते।
निराशो जीविते राज्ये पुत्रेषु च भविष्यसि॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भीष्म, द्रोणाचार्य और सूतपुत्र कर्ण की मृत्यु के पश्चात् तुम अपने प्राण, राज्य और पुत्रों की रक्षा की आशा छोड़ दोगे ॥21॥
 
After the death of Bhishma, Dronacharya and Karna, the son of Suta, you will lose hope for the safety of your life, kingdom and sons. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)