|
| |
| |
श्लोक 5.161.35  |
न भयाद् वासुदेवस्य न चापि तव फाल्गुन।
राज्यं प्रतिप्रदास्यामि युद्धॺस्व सहकेशव:॥ ३५॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| फाल्गुन! मैं श्रीकृष्ण या तुम्हारे भय से राज्य नहीं लौटाऊँगा। तुम आओ और श्रीकृष्ण से युद्ध करो॥35॥ |
| |
| ‘Phalgun! I will not return the kingdom due to fear of Shri Krishna or you. You come and fight with Shri Krishna. 35॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|