श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  5.161.35 
न भयाद् वासुदेवस्य न चापि तव फाल्गुन।
राज्यं प्रतिप्रदास्यामि युद्धॺस्व सहकेशव:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
फाल्गुन! मैं श्रीकृष्ण या तुम्हारे भय से राज्य नहीं लौटाऊँगा। तुम आओ और श्रीकृष्ण से युद्ध करो॥35॥
 
‘Phalgun! I will not return the kingdom due to fear of Shri Krishna or you. You come and fight with Shri Krishna. 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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