श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.161.28 
त्रयोदश समा भुक्तं राज्यं विलपतस्तव।
भूयश्चैव प्रशासिष्ये निहत्य त्वां सबान्धवम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तू रोती-बिलखती रही और मैंने तेरह वर्ष तक तेरा राज्य भोगा। अब तेरे भाइयों सहित तुझे मारकर मैं आगे भी इसी राज्य पर राज्य करूँगा॥ 28॥
 
You kept weeping and wailing and I enjoyed your kingdom for thirteen years. Now after killing you along with your brothers, I will rule this kingdom in future too.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)