श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.161.23 
इत्येवमुक्त्वा राजानं धर्मपुत्रं युधिष्ठिरम्।
अभ्यावृत्य पुनर्जिष्णुमुलूक: प्रत्यभाषत॥ २३॥
 
 
अनुवाद
धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर से ऐसा कहकर उलूक अर्जुन की ओर मुड़ा और फिर उनसे भी इस प्रकार कहने लगा -॥23॥
 
Having said this to King Yudhishthira, the son of Dharma, Uluka turned towards Arjuna and then started speaking to him also in the following manner -॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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