श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.161.1 
संजय उवाच
सेनानिवेशं सम्प्राप्त: कैतव्य: पाण्डवस्य ह।
समागत: पाण्डवेयैर्युधिष्ठिरमभाषत॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात जुआरी शकुनीकपुत्र उलूक पाण्डवों के शिविर में गया और उनसे मिलकर युधिष्ठिर से इस प्रकार बोला -॥1॥
 
Sanjaya says - O King! Thereafter the gambler Shakunika's son Uluka went to the Pandava's camp and met them and spoke to Yudhishthira in this manner -॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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