Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.160.56: ‘माया की सहायता से हम आकाश में उड़ सकते हैं, अन्तरिक्ष में जा सकते हैं और रसातल या इन्द्रपुरी में भी प्रवेश कर सकते हैं।॥ 56॥   |   mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  5.160.56 
वयमप्युत्सहेम द्यां खं च गच्छेम मायया।
रसातलं विशामोऽपि ऐन्द्रं वा पुरमेव तु॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
‘माया की सहायता से हम आकाश में उड़ सकते हैं, अन्तरिक्ष में जा सकते हैं और रसातल या इन्द्रपुरी में भी प्रवेश कर सकते हैं।॥ 56॥
 
‘With the help of Maya we can fly in the sky, go into space and even enter the abyss or Indrapuri.॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)