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mahabharat 5.160.22: हम सबके बहुत सारे दोस्त होते हैं, इसलिए अब इस बिल्ली को भी हमारा चाचा बनना चाहिए और हमारे घर में बूढ़ों और बच्चों की हमेशा रक्षा करनी चाहिए। 22.   |   mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.160.22 
बहुमित्रा वयं सर्वे तेषां नो मातुलो ह्ययम्।
रक्षां करोतु सततं वृद्धबालस्य सर्वश:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हम सबके बहुत सारे दोस्त होते हैं, इसलिए अब इस बिल्ली को भी हमारा चाचा बनना चाहिए और हमारे घर में बूढ़ों और बच्चों की हमेशा रक्षा करनी चाहिए। 22.
 
We all have many friends, so now this cat should also become our uncle and should always protect the old and the children in our house. 22.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)