श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 158: रुक्मीका सहायता देनेके लिये आना; परंतु पाण्डव और कौरव दोनों पक्षोंके द्वारा कोरा उत्तर पाकर लौट जाना  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  5.158.16-17h 
स भोजराज: सैन्येन महता परिवारित:॥ १६॥
अक्षौहिण्या महावीर्य: पाण्डवान् क्षिप्रमागमत्।
 
 
अनुवाद
लगभग एक अक्षौहिणी विशाल सेना से घिरे हुए पराक्रमी भोजराज रुक्मी शीघ्रतापूर्वक पाण्डवों के पास पहुँचे।
 
The mighty Bhojaraja Rukmi, surrounded by a huge army of about an Akshauhini, quickly approached the Pandavas. 16 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)