श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 157: युधिष्ठिरके द्वारा अपने सेनापतियोंका अभिषेक, यदुवंशियोंसहित बलरामजीका आगमन तथा पाण्डवोंसे विदा लेकर उनका तीर्थयात्राके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  5.157.15-16h 
अर्जुनस्यापि नेता च संयन्ता चैव वाजिनाम्॥ १५॥
संकर्षणानुज: श्रीमान् महाबुद्धिर्जनार्दन:।
 
 
अनुवाद
बलरामजी के छोटे भाई परम बुद्धिमान भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के नेता और उनके घोड़ों के नियन्ता भी थे ॥15 1/2॥
 
The most intelligent Lord Shri Krishna, the younger brother of Balramji, was the leader of Arjuna and also the controller of his horses. 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)