श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.156.4 
श्रूयते च महाप्राज्ञ हैहयानमितौजस:।
अभ्ययुर्ब्राह्मणा: सर्वे समुच्छ्रितकुशध्वजा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
महामते! ऐसा सुना जाता है कि एक बार समस्त ब्राह्मणों ने कुशवर्णी ध्वजाएँ फहराकर अत्यंत शक्तिशाली हैहय वंश के क्षत्रियों पर आक्रमण किया था।
 
Mahamate! It is heard that all the Brahmins, hoisting their kushama-coloured flags, had once attacked the kshatriyas of the extremely powerful Haihaya dynasty. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)