श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.156.15 
प्रयातु नो भवानग्रे देवानामिव पावकि:।
वयं त्वामनुयास्याम: सौरभेया इवर्षभम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जैसे कार्तिकेय देवताओं के आगे-आगे चलते हैं, वैसे ही आप हमारे नेता बनें। जैसे बछड़े बैल के पीछे-पीछे चलते हैं, वैसे ही हम आपके पीछे-पीछे चलेंगे।॥15॥
 
‘Just as Kartikeya walks ahead of the gods, you should be our leader. Just as calves follow a bull, we will follow you.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)