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mahabharat 5.156.12-13: जैसे सूर्य समस्त तेजोमय वस्तुओं के, चन्द्रमा वृक्षों और औषधियों के, कुबेर यक्षों के, इन्द्र देवताओं के, मेरु पर्वतों के, गरुड़ पक्षियों के, कार्तिकेय समस्त देवियों के और अग्निदेव वसुओं के अधिपति हैं, उसी प्रकार आप हमारी समस्त सेनाओं के अधिपति और रक्षक हैं॥12-13॥   |   mahabharat अध्याय 5.156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 12-13
 
 
श्लोक  5.156.12-13 
रश्मिवतामिवादित्यो वीरुधामिव चन्द्रमा:।
कुबेर इव यक्षाणां देवानामिव वासव:॥ १२॥
पर्वतानां यथा मेरु: सुपर्ण: पक्षिणां यथा।
कुमार इव देवानां वसूनामिव हव्यवाट्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जैसे सूर्य समस्त तेजोमय वस्तुओं के, चन्द्रमा वृक्षों और औषधियों के, कुबेर यक्षों के, इन्द्र देवताओं के, मेरु पर्वतों के, गरुड़ पक्षियों के, कार्तिकेय समस्त देवियों के और अग्निदेव वसुओं के अधिपति हैं, उसी प्रकार आप हमारी समस्त सेनाओं के अधिपति और रक्षक हैं॥12-13॥
 
Just as the Sun is the ruler of all the radiant objects, the Moon of trees and medicinal herbs, Kubera of the Yakshs, Indra of the gods, Meru of the mountains, Garuda of the birds, Kartikeya of all the celestial nymphs and Agnidev of the Vasus, you are the ruler and protector of all our armies.॥ 12-13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)