श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भगवान‍् श्रीकृष्णसे अपने समयोचित कर्तव्यके विषयमें पूछना, भगवान‍्का युद्धको ही कर्तव्य बताना तथा इस विषयमें युधिष्ठिरका संताप और अर्जुनद्वारा श्रीकृष्णके वचनोंका समर्थन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.154.26 
तच्छ्रुत्वा वासुदेवोऽपि सव्यसाचिवचस्तदा।
स्मयमानोऽब्रवीद् वाक्यं पार्थमेवमिति ब्रुवन्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन की ये बातें सुनकर भगवान कृष्ण मुस्कुराये और युधिष्ठिर से बोले, 'हां, अर्जुन ठीक कह रहे हैं।'
 
Hearing these words of Arjun, Lord Krishna smiled and said to Yudhishthira, 'Yes, Arjun is right.'
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas