श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  5.151.52 
तदुग्रं सागरनिभं क्षुब्धं बलसमागमम्।
रथपत्तिगजोदग्रं महोर्मिभिरिवाकुलम्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
रथ, पैदल और हाथियों से युक्त वह भयंकर सेना, समुद्र की भांति अपनी उत्पातपूर्ण लहरों से व्याकुल हो उठी ॥ 52॥
 
That fearsome army, composed of chariots, infantry and elephants, became agitated like the ocean with its turbulent waves. ॥ 52॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)