श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.15.9 
इन्द्राण्युवाच
यो मे कृतस्त्वया कालस्तमाकाङ्क्षे जगत्पते।
ततस्त्वमेव भर्ता मे भविष्यसि सुराधिप॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इन्द्राणी बोली - जगत्पते ! मैं आपसे जो शर्त रखी है, उसे पूरा करना चाहती हूँ। सुरेश्वर ! तब आप मेरे पति होंगे ॥9॥
 
Indrani said - Jagatpate! I want to fulfill the condition that I have made with you. Sureshwar! Then you will be my husband.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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