Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.15.32: हे ब्रह्मन्! मैं जल में नहीं जा सकता। इसके अतिरिक्त मैं आपके लिए और कौन-सा कार्य कर सकता हूँ? तब देवगुरु ने कहा - 'महाद्युते! आप भी जल में प्रवेश करें'॥32॥ | mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न मे तत्र गतिर्ब्रह्मन् किमन्यत् करवाणि ते।
तमब्रवीद् देवगुरुरपो विश महाद्युते॥ ३२॥
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! मैं जल में नहीं जा सकता। इसके अतिरिक्त मैं आपके लिए और कौन-सा कार्य कर सकता हूँ? तब देवगुरु ने कहा - 'महाद्युते! आप भी जल में प्रवेश करें'॥32॥
O Brahman! I cannot move in water. What other work can I do for you other than this? Then the Devaguru said - 'Mahadyute! You should also enter the water'॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥