Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.15.26-27h: ‘शुभ! यह पापी धर्म को नहीं जानता। अतः इसका शीघ्र ही पतन हो जाएगा, क्योंकि इसने महर्षियों को अपना वाहन बना लिया है। इसके अतिरिक्त मैं इस दुष्ट नहुष के विनाश के लिए यज्ञ भी करूँगा। साथ ही इंद्र का भी पता लगाऊँगा। तू भयभीत मत हो। तेरा कल्याण होगा।’॥26 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘शुभ! यह पापी धर्म को नहीं जानता। अतः इसका शीघ्र ही पतन हो जाएगा, क्योंकि इसने महर्षियों को अपना वाहन बना लिया है। इसके अतिरिक्त मैं इस दुष्ट नहुष के विनाश के लिए यज्ञ भी करूँगा। साथ ही इंद्र का भी पता लगाऊँगा। तू भयभीत मत हो। तेरा कल्याण होगा।’॥26 1/2॥
‘Shubh! This sinner does not know Dharma. Hence, he will fall down soon because he has made Maharishis his vehicle. Apart from this, I will also perform a Yagya for the destruction of this evil-minded Nahush. Along with that, I will also find out about Indra. Do not be afraid. You will be blessed.’॥26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥