Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.15.21-22: शल्य कहते हैं - हे राजन! सुन्दर मुख वाली देवी शची से ऐसा कहकर नहुष ने उन्हें विदा कर दिया और यम-नियम का पालन करने वाले महान ऋषियों और मुनियों का अपमान करके उन्हें अपनी पालकी में जोत लिया। वह ब्राह्मण द्वेषी राजा शक्ति पाकर उन्मत्त हो गया था। अपनी शक्ति और अहंकार के मद में चूर दुष्टात्मा नहुष ने उन महान ऋषियों को अपना वाहन बना लिया। | mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शल्य उवाच
एवमुक्त्वा तु तां देवीं विसृज्य च वराननाम्।
विमाने योजयित्वा च ऋषीन् नियममास्थितान्॥ २१॥
अब्रह्मण्यो बलोपेतो मत्तो मदबलेन च।
कामवृत्त: स दुष्टात्मा वाहयामास तानृषीन्॥ २२॥
अनुवाद
शल्य कहते हैं - हे राजन! सुन्दर मुख वाली देवी शची से ऐसा कहकर नहुष ने उन्हें विदा कर दिया और यम-नियम का पालन करने वाले महान ऋषियों और मुनियों का अपमान करके उन्हें अपनी पालकी में जोत लिया। वह ब्राह्मण द्वेषी राजा शक्ति पाकर उन्मत्त हो गया था। अपनी शक्ति और अहंकार के मद में चूर दुष्टात्मा नहुष ने उन महान ऋषियों को अपना वाहन बना लिया।
Shalya says - O King! After saying this to the beautiful faced goddess Shachi, Nahusha sent her away and insulted the great sages and munis who followed the rules of Yama and Niyama and harnessed them to his palanquin. That Brahmin hater king had gone mad after getting power. Proud of his power and arrogance, the wicked soul Nahusha made those great sages his vehicles.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥