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mahabharat 5.15.20: अतः देवि! मैं आपकी आज्ञा का पालन करूँगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। सभी सप्तऋषि और ब्रह्मऋषि मेरी पालकी उठाएँगे। वरवर्णिनी! तुम मेरी महानता और समृद्धि को प्रत्यक्ष देख सकती हो। 20॥   |   mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.15.20 
तस्मात् ते वचनं देवि करिष्यामि न संशय:।
सप्तर्षयो मां वक्ष्यन्ति सर्वे ब्रह्मर्षयस्तथा।
पश्य माहात्म्ययोगं मे ऋद्धिं च वरवर्णिनि॥ २०॥
 
 
अनुवाद
अतः देवि! मैं आपकी आज्ञा का पालन करूँगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। सभी सप्तऋषि और ब्रह्मऋषि मेरी पालकी उठाएँगे। वरवर्णिनी! तुम मेरी महानता और समृद्धि को प्रत्यक्ष देख सकती हो। 20॥
 
So Devi! I will obey your orders, there is no doubt about it. All the Saptarishis and Brahmarishis will carry my palanquin. Varvarnini! You can see my greatness and prosperity firsthand. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)