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mahabharat 5.15.16: नहुष बोले- सुन्दरी! आपने इसे अद्भुत वाहन बताया है। देवी! मुझे भी यह वाहन सबसे अधिक प्रिय है। सुमुखी! मैं आपके वश में हूँ।   |   mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.15.16 
नहुष उवाच
अपूर्वं वाहनमिदं त्वयोक्तं वरवर्णिनि।
दृढं मे रुचितं देवि त्वद्वशोऽस्मि वरानने॥ १६॥
 
 
अनुवाद
नहुष बोले- सुन्दरी! आपने इसे अद्भुत वाहन बताया है। देवी! मुझे भी यह वाहन सबसे अधिक प्रिय है। सुमुखी! मैं आपके वश में हूँ।
 
Nahusha said- Beautiful lady! You have described this as a wonderful vehicle. Goddess! I too like that vehicle the most. Sumukhi! I am in your control.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)