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श्लोक  5.15.13 
वहन्तु त्वां महाभागा ऋषय: संगता विभो।
सर्वे शिबिकया राजन्नेतद्धि मम रोचते॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! महान सप्तर्षि एकत्रित होकर आपको रथ पर ले चलें। हे राजन! मुझे यही प्रिय है।
 
Lord! May the great Saptarishis gather together and carry you on a chariot. O King! This is what I like.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)