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mahabharat 5.144.12: पाण्डव, चेदि, पांचाल और यादव मिलकर भरतों के विरुद्ध युद्ध करेंगे। इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है?॥12॥   |   mahabharat अध्याय 5.144: विदुरकी बात सुनकर युद्धके भावी दुष्परिणामसे व्यथित हुई कुन्तीका बहुत सोच-विचारके बाद कर्णके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 144: विदुरकी बात सुनकर युद्धके भावी दुष्परिणामसे व्यथित हुई कुन्तीका बहुत सोच-विचारके बाद कर्णके पास जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.144.12 
पाण्डवाश्चेदिपञ्चाला यादवाश्च समागता:।
भारतै: सह योत्स्यन्ति किं नु दु:खमत: परम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव, चेदि, पांचाल और यादव मिलकर भरतों के विरुद्ध युद्ध करेंगे। इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है?॥12॥
 
The Pandavas, Chedis, Panchalas and Yadavas will unite to fight against the Bharatas. What can be more saddening than this?॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)