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mahabharat 5.143.41-42: जनार्दन! मैंने स्वप्न में दुर्योधन की सेना में केवल तीन व्यक्तियों को श्वेत पगड़ी पहने देखा है। केशव! आपको मुझसे उनके नाम जान लेने चाहिए। वे अश्वत्थामा, कृपाचार्य और यादव कृतवर्मा हैं। माधव! मैंने अन्य सभी राजाओं को लाल पगड़ी पहने देखा है। ॥41-42॥   |   mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन  »  श्लोक 41-42
 
 
श्लोक  5.143.41-42 
श्वेतोष्णीषाश्च दृश्यन्ते त्रय एते जनार्दन।
धार्तराष्ट्रेषु सैन्येषु तान् विजानीहि केशव॥ ४१॥
अश्वत्थामा कृपश्चैव कृतवर्मा च सात्वत:।
रक्तोष्णीषाश्च दृश्यन्ते सर्वे माधव पार्थिवा:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! मैंने स्वप्न में दुर्योधन की सेना में केवल तीन व्यक्तियों को श्वेत पगड़ी पहने देखा है। केशव! आपको मुझसे उनके नाम जान लेने चाहिए। वे अश्वत्थामा, कृपाचार्य और यादव कृतवर्मा हैं। माधव! मैंने अन्य सभी राजाओं को लाल पगड़ी पहने देखा है। ॥41-42॥
 
‘Janardan! I have seen only three persons from Duryodhan's army adorned with white turbans in my dream. Keshav! You should know their names from me. They are Ashwatthama, Kripacharya and Yadav Kritavarma. Madhav! I have seen all the other kings wearing red turbans. ॥ 41-42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)