Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.143.22-23: माधव! आकाश से मेघ मांस और रक्त की वर्षा कर रहे हैं। उस अन्तरिक्ष में, अपनी परकोटे, खाई, परकोटे और सुन्दर द्वारों सहित गंधर्व नगर प्रकट होता है। वहाँ सूर्य के चारों ओर एक काला घेरा दिखाई देता है।॥ 22-23॥ | mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मांसशोणितवर्षं च वृष्टं देवेन माधव।
तथा गन्धर्वनगरं भानुमत् समुपस्थितम्॥ २२॥
सप्राकारं सपरिखं सवप्रं चारुतोरणम्।
कृष्णश्च परिघस्तत्र भानुमावृत्य तिष्ठति॥ २३॥
अनुवाद
माधव! आकाश से मेघ मांस और रक्त की वर्षा कर रहे हैं। उस अन्तरिक्ष में, अपनी परकोटे, खाई, परकोटे और सुन्दर द्वारों सहित गंधर्व नगर प्रकट होता है। वहाँ सूर्य के चारों ओर एक काला घेरा दिखाई देता है।॥ 22-23॥
‘Madhava! The clouds rain flesh and blood from the sky. In the space, the Gandharva city with its boundary wall, moat, enclosure and beautiful gates appears. There, a black circle appears surrounding the sun.॥ 22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥