श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.139.20 
सहाया ब्राह्मणा यस्य धृतिमन्तो जितेन्द्रिया:।
तमुग्रतपसं वीरं कथं जेष्यसि पाण्डवम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तुम उन वीर और तपस्वी पाण्डवों को कैसे परास्त करोगे, जिनकी सहायता धैर्यवान और संयमी ब्राह्मण कर रहे हैं?
 
How will you defeat those brave and ascetic Pandavas, who are assisted by patient and self-controlled Brahmins?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)