श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 134: विदुलाका अपने पुत्रको युद्धके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 23-24
 
 
श्लोक  5.134.23-24 
एकशत्रुवधेनैव शूरो गच्छति विश्रुतिम्॥ २३॥
इन्द्रो वृत्रवधेनैव महेन्द्र: समपद्यत।
माहेन्द्रं च गृहं लेभे लोकानां चेश्वरोऽभवत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
शत्रु का वध करके वीर पुरुष संसार भर में विख्यात हो जाता है । वृत्रासुर का वध करके ही देवराज इन्द्र 'महेन्द्र' नाम से प्रसिद्ध हुए । उन्हें इन्द्रभवन प्राप्त हुआ और वे तीनों लोकों के स्वामी हो गए । 23-24॥
 
By killing an enemy a brave man becomes famous throughout the world. Devraj Indra became famous by the name 'Mahendra' only by killing Vritrasura. He got Indrabhavan to live and he became the lord of all three worlds. 23-24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)