Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.133.22-23h: जिस व्यक्ति के महान और अद्भुत प्रयासों और चरित्र की चर्चा हर कोई नहीं करता, वह केवल अपने आप जनसंख्या बढ़ा रहा है। मेरी दृष्टि में वह न तो स्त्री है और न ही पुरुष।   |   mahabharat अध्याय 5.133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  5.133.22-23h 
यस्य वृत्तं न जल्पन्ति मानवा महदद्‍भुतम्॥ २२॥
राशिवर्धनमात्रं स नैव स्त्री न पुन: पुमान्।
 
 
अनुवाद
जिस व्यक्ति के महान और अद्भुत प्रयासों और चरित्र की चर्चा हर कोई नहीं करता, वह केवल अपने आप जनसंख्या बढ़ा रहा है। मेरी दृष्टि में वह न तो स्त्री है और न ही पुरुष।
 
The person whose great and wonderful efforts and character are not discussed by everyone is only increasing the population by himself. In my view he is neither a woman nor a man.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)