Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.133.1: कुन्ती बोली, "हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले कृष्ण! इस प्रसंग में विद्वान पुरुष विदुला और उसके पुत्र के बीच हुए संवाद के रूप में इस प्राचीन कथा का उल्लेख करते हैं।" | mahabharat अध्याय 5.133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्त्युवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
विदुलायाश्च संवादं पुत्रस्य च परंतप॥ १॥
अनुवाद
कुन्ती बोली, "हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले कृष्ण! इस प्रसंग में विद्वान पुरुष विदुला और उसके पुत्र के बीच हुए संवाद के रूप में इस प्राचीन कथा का उल्लेख करते हैं।"
Kunti said, "O Krishna, who torments the enemies! In this context, learned men cite this ancient story in the form of a dialogue between Vidula and her son."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥