श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.128.28 
तं प्रस्थितमभिप्रेक्ष्य भ्रातरो मनुजर्षभम्।
अनुजग्मु: सहामात्या राजानश्चापि सर्वश:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जब पुरुषों में श्रेष्ठ दुर्योधन ने उसे जाते देखा, तब उसके सभी भाई, मंत्री और साथी राजा उठकर उसके साथ चले॥ 28॥
 
When Duryodhana, the best of men, saw him leaving, all his brothers, ministers and fellow kings got up and went with him.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)