श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.128.24 
वैकर्तनं त्वां च मां च त्रीनेतान् मनुजर्षभ।
पाण्डवेभ्य: प्रदास्यन्ति भीष्मो द्रोण: पिता च ते॥ २४॥
 
 
अनुवाद
नरश्रेष्ठ! पितामह भीष्म, आचार्य द्रोण और पितामह कर्ण, तुम्हें और मुझे पाण्डवों को सौंप देंगे॥24॥
 
Narshrestha! Grandfather Bhishma, Acharya Drona and father will hand over Karna, you and me to the Pandavas. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)