वह जीवन भर इसी प्रकार आचरण करे और किसी को कुछ न समझे; यही क्षत्रियों का कर्तव्य है और यही मेरा सदा का मत है॥ 21॥
He should behave in this manner all his life without considering anyone else as anything; this is the duty of the Kshatriyas and this is my opinion forever.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥