Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.12.4: परस्त्री का स्पर्श पाप है। इससे अपना मन हटाओ। तुम देवताओं के राजा हो। तुम्हारा कल्याण हो। तुम्हें अपनी प्रजा का धर्मपूर्वक पालन करना चाहिए।॥4॥ | mahabharat अध्याय 5.12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परस्त्री का स्पर्श पाप है। इससे अपना मन हटाओ। तुम देवताओं के राजा हो। तुम्हारा कल्याण हो। तुम्हें अपनी प्रजा का धर्मपूर्वक पालन करना चाहिए।॥4॥
Touching other women is a sinful act. Distract your mind from it. You are the king of the gods. May you prosper. You should look after your subjects righteously.'॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥