श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.119.18 
स तया रममाणोऽथ विश्वामित्रो महाद्युति:।
आत्मजं जनयामास माधवीपुत्रमष्टकम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार महाबली ऋषि विश्वामित्र ने उसके साथ विहार करते हुए समय आने पर उसके गर्भ से एक पुत्र उत्पन्न किया, जिसका नाम अष्टक था।
 
In this way the sage Vishwamitra, who was very powerful, while enjoying the company of her, produced a son from her womb in due course. The name of that son of Madhavi was Ashtak.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)