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mahabharat 5.119.15: गरुड़ सहित गालव की ओर देखकर विश्वामित्र ने भी उस परम सुन्दरी कन्या पर दृष्टि डाली और इस प्रकार कहा -॥15॥   |   mahabharat अध्याय 5.119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.119.15 
विश्वामित्रस्तु तं दृष्ट्वा गालवं सह पक्षिणा।
कन्यां च तां वरारोहामिदमित्यब्रवीद् वच:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
गरुड़ सहित गालव की ओर देखकर विश्वामित्र ने भी उस परम सुन्दरी कन्या पर दृष्टि डाली और इस प्रकार कहा -॥15॥
 
Having looked at Galava along with Garuda, Viswamitra also cast his eyes upon this extremely beautiful girl and said thus -॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)