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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 116: हर्यश्वका दो सौ श्यामकर्ण घोड़े देकर ययातिकन्याके गर्भसे वसुमना नामक पुत्र उत्पन्न करना और गालवका इस कन्याके साथ वहाँसे प्रस्थान
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श्लोक 14
श्लोक
5.116.14
एवमुक्तस्तु स मुनि: कन्यया गालवस्तदा।
हर्यश्वं पृथिवीपालमिदं वचनमब्रवीत्॥ १४॥
अनुवाद
कन्या के ऐसा कहने पर गालव ऋषि ने राजा हर्यश्व से यह बात कही - ॥14॥
When the girl said this, the sage Galava said the following to King Haryashva - ॥14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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