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mahabharat 5.108.10: जगत के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने पहले इसी दिशा में वेदों का गान किया था और सविता देवता ने यहीं ब्राह्मण मुनियों को सावित्री मन्त्र का उपदेश दिया था ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 5.108: गरुड़का गालवसे पूर्व दिशाका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 108: गरुड़का गालवसे पूर्व दिशाका वर्णन करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.108.10 
अत्र वेदाञ्जगौ पूर्वं भगवाँल्लोकभावन:।
अत्रैवोक्ता सवित्राऽऽसीत् सावित्री ब्रह्मवादिषु॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जगत के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने पहले इसी दिशा में वेदों का गान किया था और सविता देवता ने यहीं ब्राह्मण मुनियों को सावित्री मन्त्र का उपदेश दिया था ॥10॥
 
Lord Brahma, the creator of the world, had earlier sung the Vedas in this direction and Savita Devta had preached Savitri Mantra to the Brahmin saints here. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)