श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 106: नारदजीका दुर्योधनको समझाते हुए धर्मराजके द्वारा विश्वामित्रजीकी परीक्षा तथा गालवके विश्वामित्रसे गुरुदक्षिणा माँगनेके लिये हठका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.106.9 
सप्तर्षीणामन्यतमं वेषमास्थाय भारत।
बुभुक्षु: क्षुभितो राजन्नाश्रमं कौशिकस्य तु॥ ९॥
 
 
अनुवाद
भारत धर्म: सप्तर्षियों में से एक (वसिष्ठजी) का वेश धारण करके भूख से पीड़ित होकर भोजन की खोज में विश्वामित्र के आश्रम पर आये॥9॥
 
India Dharma: In the guise of one of the seven sages (Vasisthaji), suffering from hunger, he came to Vishwamitra's ashram in search of food. 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas