Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.105.36: अतः हे राजकुमार! इस विरोध से तुम्हें कुछ भी लाभ नहीं होगा। पांडवों के साथ संधि कर लो। भगवान कृष्ण को अपना सहायक बनाकर अपने कुल की रक्षा करो। 36.   |   mahabharat अध्याय 5.105: भगवान‍् विष्णुके द्वारा गरुड़का गर्वभंजन तथा दुर्योधनद्वारा कण्व मुनिके उपदेशकी अवहेलना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 105: भगवान‍् विष्णुके द्वारा गरुड़का गर्वभंजन तथा दुर्योधनद्वारा कण्व मुनिके उपदेशकी अवहेलना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  5.105.36 
तदलं ते विरोधेन शमं गच्छ नृपात्मज।
वासुदेवेन तीर्थेन कुलं रक्षितुमर्हसि॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
अतः हे राजकुमार! इस विरोध से तुम्हें कुछ भी लाभ नहीं होगा। पांडवों के साथ संधि कर लो। भगवान कृष्ण को अपना सहायक बनाकर अपने कुल की रक्षा करो। 36.
 
Therefore, prince! You will not gain anything from this opposition. Make peace with the Pandavas. You should protect your clan by making Lord Krishna your assistant. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)