Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.105.3: गरुड़ बोले - हे प्रभु ! आपने मेरी उपेक्षा करके मेरी जीविका में बाधा क्यों डाली है ? मुझे इच्छानुसार कार्य करने का वरदान देकर आप पुनः उससे विमुख क्यों हो गए हैं ?॥3॥ | mahabharat अध्याय 5.105: भगवान् विष्णुके द्वारा गरुड़का गर्वभंजन तथा दुर्योधनद्वारा कण्व मुनिके उपदेशकी अवहेलना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गरुड़ बोले - हे प्रभु ! आपने मेरी उपेक्षा करके मेरी जीविका में बाधा क्यों डाली है ? मुझे इच्छानुसार कार्य करने का वरदान देकर आप पुनः उससे विमुख क्यों हो गए हैं ?॥3॥
Garuda said - O Lord! Why have you hindered my livelihood by ignoring me? After giving me the boon to do whatever I want, why have you again become distracted from it?॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥