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न हि ज्ञातं बलं देव मया ते परमं विभो।
तेन मन्ये ह्यहं वीर्यमात्मनो न समं परै:॥ २९॥
अनुवाद
विभु! मुझे आपके महान बल का ज्ञान नहीं था। देव! इसीलिए मैंने अपने बल और पराक्रम को दूसरों के बराबर ही नहीं, बल्कि उनसे कहीं अधिक समझा।'
‘Vibhu! I was not aware of your great strength. Dev! That is why I considered my strength and valour not only equal to others, but much more than them.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥