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श्लोक 5.103.23  |
नारद उवाच
ऐरावतकुले जात: सुमुखो नाम नागराट्।
आर्यकस्य मत: पौत्रो दौहित्रो वामनस्य च॥ २३॥ |
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| अनुवाद |
| नारदजी बोले- माता! यह नागराज सुमुख हैं, जो ऐरावत वंश में उत्पन्न हुए हैं। ये आर्यक के पौत्र और वामन के प्रपौत्र हैं। |
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| Naradji said- Mother! This is King of Snakes Sumukh, who was born in the clan of Airavat. He is the grandson of Aryaka and the great-grandson of Vaman. |
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